Domain Hijacking loverummyapp.com का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने डिजिटल एसेट्स की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी रातों-रात मेहनत से खड़ी की गई वेबसाइट और उसका डोमेन कोई चोर फर्जी कागजात के दम पर उड़ा ले जाए? और उससे भी बड़ा झटका तब लगे जब डोमेन प्रोवाइडर कंपनी सुबह आपसे वादा करे कि “शाम तक डोमेन आपके अकाउंट में आ जाएगा” और शाम होते ही अपनी बात से साफ मुकर जाए? इस सुरक्षा चूक (Security Breach) के बाद कंपनी ने पीड़ित यूजर को पूरी तरह अधर में छोड़ दिया है।
🔍 क्या है पूरा मामला?
मूल मालिक ने इस डोमेन को पूरी मेहनत से रजिस्टर्ड कराया और इस पर काम शुरू किया था। लेकिन एक शातिर हैकर/चोर ने सिस्टम के लूपहोल्स का फायदा उठाया और होस्टिंगर (Hostinger) के कम्प्लायंस विभाग को एक पूरी तरह से फर्जी ‘Purchase Agreement’ (खरीद समझौता) थमा दिया। कंपनी ने बिना किसी गहरी जांच या मूल मालिक से क्रॉस-वेरिफिकेशन किए, डोमेन का ट्रांसफर सीधे चोर के पक्ष में अप्रूव कर दिया, जो बाद में गोडैडी (GoDaddy) पर शिफ्ट कर दिया गया।
💔 सुबह का झूठा दिलासा और शाम का धोखा
जब पीड़ित मालिक ने अपने सारे ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स, पेमेंट प्रूफ और वित्तीय रिकॉर्ड्स (Financial Logs) के साथ कंपनी के सामने धोखाधड़ी का मामला उठाया, तो सपोर्ट टीम ने पहले राहत की सांस दी। कस्टमर सक्सेस टीम की Ida ने ईमेल पर बकायदा लिखित में आश्वासन दिया था:

“हमारी Compliance team अभी रिव्यू और थर्ड-पार्टी के साथ कोआर्डिनेशन कर रही है। हम डोमेन को वापस आपके अकाउंट में क्रेडिट (Credit) करने के लिए फाइनल सिग्नल का इंतज़ार कर रहे हैं। हम आज ही इसे सुलझाने के लिए टीम के साथ इमीडिएट फॉलो-अप ले रहे हैं।”
इस आधिकारिक वादे के बाद पीड़ित को लगा कि इंसाफ मिल गया। लेकिन कुछ ही समय बाद कंपनी के रवैये ने अचानक 180 डिग्री का यू-टर्न ले लिया। कस्टमर सक्सेस टीम के ही Tomas ने एक दूसरा ईमेल दागकर साफ कह दिया:

“गहन समीक्षा और GoDaddy के साथ कोआर्डिनेशन के बाद हमने पाया है कि डोमेन अभी एक वैध रजिस्ट्रेंट के पास है। हमारे पास इसे रिवर्स करने या दूसरे पक्ष को ट्रांसफर करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हम इस जांच को यहीं समाप्त (Concluded) मानते हैं।”
एक ही दिन में दो अलग-अलग अधिकारियों के ये विरोधाभासी बयान साफ़ दर्शाते हैं कि होस्टिंगर का इंटरनल सिस्टम और कम्प्लायंस विभाग इस गंभीर धोखाधड़ी को लेकर कितना ढुलमुल और गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाए हुए है।
🛡️ आगे की लड़ाई: अब क्या है रास्ता?
कंपनियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के बाद अब यह लड़ाई पूरी तरह से कानूनी हो चुकी है:
- GoDaddy पर स्ट्रिक्ट लॉक: पीड़ित मालिक ने तुरंत GoDaddy के लीगल पोर्टल पर Incident Number: 948151 के तहत ‘Invalid WHOIS’ की शिकायत दर्ज कराई है, ताकि चोर उस डोमेन को आगे कहीं और न ट्रांसफर कर सके।
- साइबर क्राइम में शिकायत: होस्टिंगर के पीछे हटने के बाद अब इस मामले को आधिकारिक तौर पर भारतीय साइबर अपराध सेल (cybercrime.gov.in) में दर्ज कराया जा रहा है, ताकि कानूनी निर्देश (Court Order) के जरिए इन कंपनियों को मजबूर किया जा सके।
📢 सबक
यह घटना हर वेबसाइट ओनर के लिए एक चेतावनी है। डोमेन कंपनियां सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे तो करती हैं, लेकिन जब कोई जालसाज फर्जी कागज लेकर आता है, तो असली हकदार को ही चक्कर काटने पर मजबूर कर दिया जाता है। सुबह वादा करके शाम को मुकर जाना यह साबित करता है कि डिजिटल एसेट्स की सुरक्षा के लिए अब सिर्फ कंपनियों के भरोसे नहीं रहा जा सकता, बल्कि कानूनी तौर पर सजग होना बेहद जरूरी है!