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Tata Nexon Mileage Test: असली माइलज कितना देती है?

Tata Nexon Mileage Test: असली माइलज कितना देती है?

टाटा नेक्सन भारतीय बाजार की सबसे लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी में से एक है। इसकी मजबूत बिल्ड क्वालिटी, शानदार सेफ्टी और आकर्षक डिजाइन ने इसे काफी पसंद किया जाता है। लेकिन गाड़ी खरीदने से पहले हर कोई यह जानना चाहता है कि यह असल में कितना माइलेज देती है। कंपनी के दावे और सड़क पर मिलने वाला असली माइलेज अक्सर अलग-अलग होता है।

आइए जानते हैं टाटा नेक्सन के पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वेरिएंट का असली माइलेज, साथ ही वे कौन-से कारक हैं जो इस पर असर डालते हैं।

टाटा नेक्सन माइलेज: एक नज़र में

टाटा नेक्सन में आपको कई तरह के इंजन विकल्प मिलते हैं। हर वेरिएंट का माइलेज उसके इंजन और ट्रांसमिशन के हिसाब से अलग-अलग होता है। यहां ARAI (सरकारी) दावे और असली माइलेज के आंकड़े दिए गए हैं:

वेरिएंटARAI दावा (अनुमानित)असली माइलेज (शहर)असली माइलेज (हाईवे)
पेट्रोल (मैनुअल)17.0 km/l11-13 km/l14-16 km/l
पेट्रोल (ऑटोमैटिक)16.5 km/l10-12 km/l13-15 km/l
डीजल (मैनुअल)23.2 km/l17-19 km/l20-22 km/l
डीजल (ऑटोमैटिक)22.0 km/l16-18 km/l19-21 km/l
सीएनजी (मैनुअल)17.4 km/kg14-16 km/kg16-17 km/kg

पेट्रोल वेरिएंट का असली माइलेज

टाटा नेक्सन पेट्रोल वेरिएंट 1.2 लीटर का टर्बो इंजन के साथ आता है। यह इंजन ड्राइविंग का मजा तो देता है, लेकिन माइलेज के मामले में डीजल से थोड़ा पीछे है।

ध्यान देने वाली बात: ऑटोमैटिक (AMT) वेरिएंट का माइलेज मैनुअल के मुकाबले शहर में थोड़ा कम ही रहता है । कुछ यूजर्स ने पेट्रोल AMT के माइलेज को लेकर निराशा भी जताई है ।


डीजल वेरिएंट का असली माइलेज

अगर आप लंबी दूरी तय करते हैं और माइलेज आपके लिए सबसे अहम है, तो टाटा नेक्सन का डीजल वेरिएंट आपके लिए सबसे बढ़िया विकल्प है। यह अपने सेगमेंट में सबसे किफायती गाड़ियों में से एक मानी जाती है ।


सीएनजी वेरिएंट का असली माइलेज

बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच सीएनजी कारें काफी पॉपुलर हो रही हैं। टाटा नेक्सन सीएनजी वेरिएंट न सिर्फ किफायती है, बल्कि इसमें टर्बो इंजन भी दिया गया है, जिससे ड्राइविंग एक्सपीरियंस भी अच्छा रहता है ।

खास बात: नेक्सन सीएनजी में डुअल-सिलिंडर टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे बूट स्पेस भी अच्छी मात्रा में मिल जाता है ।


माइलेज को क्या प्रभावित करता है?

ARAI का दावा और असल में मिलने वाला माइलेज इसलिए अलग होता है, क्योंकि सड़क पर कई तरह की परिस्थितियां बदलती रहती हैं। इन बातों का ध्यान रखकर आप अपनी गाड़ी का बेहतर माइलेज ले सकते हैं:

  1. ड्राइविंग स्टाइल: बार-बार गियर बदलना, अचानक ब्रेक लगाना और रैपिड एक्सीलरेशन माइलेज को काफी हद तक कम कर देता है।
  2. ट्रैफिक का दबाव: जितना ज्यादा ट्रैफिक, उतना ज्यादा इंजन पर लोड, और उतना ही कम माइलेज।
  3. सर्विस और रखरखाव: समय पर सर्विस न कराने, एयर फिल्टर गंदा होने या टायरों में हवा का प्रेशर कम होने से भी माइलेज पर असर पड़ता है ।
  4. सवारी और सामान का बोझ: गाड़ी में जितना ज्यादा वजन होगा, इंजन को उतनी ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी, जिससे माइलेज घट जाता है।

निष्कर्ष

टाटा नेक्सन असली माइलेज के मामले में एक भरोसेमंद गाड़ी साबित होती है। यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन-सा वेरिएंट चुनते हैं और कैसे गाड़ी चलाते हैं।

बस ध्यान रखें कि ARAI के दावे हमेशा आदर्श स्थितियों में होते हैं। असल जिंदगी में माइलेज इन आंकड़ों से थोड़ा कम ही मिलता है, लेकिन टाटा नेक्सन अपने सेगमेंट में माइलेज के मामले में किसी से पीछे नहीं है ।

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