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Hostinger Domain Fraud Case Study: असली पेमेंट इनवॉइस, ICANN केस, GoDaddy Claim और 460+ चैट्स के बावजूद हैकर का साथ, होस्टिंगर पूरी तरह बेनकाब!

Hostinger Domain Fraud

Hostinger Domain Fraud: आज डिजिटल इंडिया के इस दौर में जब एक आम ब्लॉगर, फ्रीलांसर या स्थापित वेब डेवलपर अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई लगाकर एक डोमेन नेम रजिस्टर करता है, तो वह यह मानकर चलता है कि उसका डोमेन रजिस्ट्रार (Domain Registrar) उसकी इस डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा एक लॉकर की तरह करेगा। रात-दिन जागकर, एसईओ (SEO) करके और आर्टिकल्स लिखकर जब एक वेबसाइट को गूगल के टॉप पेजों पर रैंक कराया जाता है, तो उसके पीछे महीनों की मेहनत और वित्तीय निवेश होता है।

लेकिन क्या हो जब दुनिया की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित डोमेन और होस्टिंग प्रदाता कंपनियों में से एक, Hostinger, आपके ही असली कागजात, बैंक पेमेंट रसीदें, ट्रांजैक्शन आईडी और आधिकारिक सरकारी पहचान पत्र देखने के बाद भी आपकी लाइव चलती हुई संपत्ति को एक शातिर हैकर के हवाले कर दे?

मैं अपनी वेबसाइट markethalchal.in के माध्यम से आज होस्टिंगर (Hostinger) की उस घोर लापरवाही, ढुलमुल नीतियों और उनके लीगल व कम्प्लायंस विभाग की नाकामी का पूरा भंडाफोड़ करने जा रहा हूँ। इस पूरे मामले ने मुझे पिछले 2 महीने से अधिक समय से असहनीय मानसिक प्रताड़ना, व्यावसायिक नुकसान और गहरे तनाव में डाल रखा है। यह कहानी सिर्फ एक डोमेन loverummyapp.com की डिजिटल चोरी की नहीं है, बल्कि यह इस बात का एक ज्वलंत और खतरनाक सबूत है कि कैसे एक मल्टीनेशनल कंपनी का लीगल और कम्प्लायंस सिस्टम हैकर्स के जाली दस्तावेजों (Forged Documents) के सामने बिना किसी गहन जांच के घुटने टेक देता है।


⏱️ तारीख-दर-तारीख पूरा घटनाक्रम: होस्टिंगर ने ग्राहक को कैसे घुमाया? (Hostinger Domain Fraud)

इस पूरे डिजिटल स्कैम और होस्टिंगर के टालमटोल रवैये को समझने के लिए हमें इसके टाइमलाइन को गहराई से देखना होगा, जिससे यह साफ हो सके कि एक जेन्युइन कस्टमर को पिछले 2 महीनों से किस तरह मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

दिन 1: शुरुआती डिजिटल वेरिफिकेशन और होस्टिंगर सपोर्ट का 100% पक्का भरोसा

जब मेरा मुख्य डोमेन loverummyapp.com अनाधिकृत तरीके से (Unauthorized Access) और साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से एक हैकर (जिसका नाम संदीप है) द्वारा चुरा लिया गया, तो मैंने बिना एक मिनट गंवाए होस्टिंगर की कस्टमर सक्सेस टीम से संपर्क किया।

शुरुआत में होस्टिंगर के सपोर्ट फ्रंट पर मौजूद एजेंट आसिफा और डिएगो ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया, जो कि उनकी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का हिस्सा है। उन्होंने मुझसे डोमेन के मालिकाना हक को साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे। मैंने उन्हें डोमेन की मूल कस्टडी साबित करने के लिए अपना आधार कार्ड ([Aadhaar Redacted]), पैन कार्ड (PAN Card), 2 अलग-अलग बैंकों के आधिकारिक स्टेटमेंट्स (2 Bank Statements), और पते के वेरिफिकेशन के लिए अपने जियो सिम का स्टेटमेंट (Jio Sim Statement) सौंप दिया। इसके अलावा, मैंने डोमेन खरीदने के पहले दिन की ओरिजिनल डिजिटल परचेज रसीदें (Original Purchase Invoices) भी उनके सामने रख दीं।

इन सभी पक्के, कानूनी और अकाट्य सबूतों की गहन जांच करने के बाद होस्टिंगर की लाइव चैट सपोर्ट टीम पूरी तरह से आश्वस्त हो गई कि मैं ही इस डोमेन का असली, एकमात्र और वैध मालिक हूँ। इसके तुरंत बाद, कड़ा एक्शन लेते हुए होस्टिंगर की टेक्निकल टीम ने शेयर किए गए सबूतों के आधार परैकएंड से कार्रवाई की और हैकर का पुराना गोडैडी (GoDaddy) वाला रूटिंग, नाम सर्वर्स (Name Servers) और होस्टिंग कनेक्शन पूरी तरह से ब्लॉक करके काट दिया।

इसके तुरंत बाद वेबसाइट लाइव इंटरनेट से हट गई और वहां पर NXDOMAIN (Site can’t be reached) का एरर शो होने लगा। एजेंट डिएगो ने मुझे लिखित में और आधिकारिक तौर पर यह पक्का आश्वासन दिया कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर यह डोमेन पूरी तरह से री-सिंक करके मेरे सुरक्षित और प्रमाणित होस्टिंगर अकाउंट (pr*@gmail.com) में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

दिन 2: होस्टिंगर की घोर लापरवाही और खुद गोडैडी (GoDaddy) से सीधे बातचीत का सच

जब शुरुआती 48 घंटे का समय बीत गया और डोमेन मेरे होस्टिंगर डैशबोर्ड में दिखाई नहीं दिया, तो मैंने दोबारा होस्टिंगर सपोर्ट को पिंग किया। अब कहानी में एक नया टेक्निकल मोड़ आ चुका था। एजेंट डिएगो ने ईमेल पर बताया कि उनकी आंतरिक टीम एक ‘एक्सटर्नल थर्ड पार्टी’ (External Third Party / Domain Registry) के साथ मैन्युअल सिंक और टेक्निकल हैंडऑफ फाइनल कर रही है और इसमें समय लग रहा है। होस्टिंगर के अधिकारी बार-बार यह बहाना बना रहे थे कि वे गोडैडी से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुस्त रफ्तार के कारण काम आगे नहीं बढ़ रहा था।

यहाँ पर होस्टिंगर की सबसे बड़ी और अक्षम्य सुरक्षा चूक सामने आई। पिछले 1.5 महीने से अधिक समय से मैं लगातार होस्टिंगर सपोर्ट को लिखित में चेतावनी दे रहा था कि मेरा डोमेन चोरी हो चुका है और इस पर साइबर फ्रॉड चल रहा है। इसके बावजूद, होस्टिंगर की कम्प्लायंस टीम ने डोमेन पर ‘रजिस्ट्रार ट्रांसफर लॉक’ (Transfer Lock) नहीं लगाया! होस्टिंगर की इसी ढीली सुरक्षा व्यवस्था का फायदा उठाकर उस शातिर हैकर संदीप ने डोमेन को चुपके से होस्टिंगर से ट्रांसफर करके GoDaddy प्लेटफॉर्म पर मूव कर दिया।

जब मुझे लगा कि होस्टिंगर की टीम सिर्फ समय बर्बाद कर रही है, तो मैंने खुद सक्रिय होकर GoDaddy की ट्रांसफर डिस्प्यूट टीम से सीधे संपर्क साधा और उनके आधिकारिक सपोर्ट सेंटर पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसे Claim ID: DCU101376714 के रूप में पंजीकृत किया गया। गोडैडी की टीम ने मेरी ओनरशिप के साक्ष्य देखने के बाद तुरंत एक्शन लिया और बकायदा लिखकर दिया: “Your claim has been reviewed and resolved. Appropriate action has been taken.”

गोडैडी ने मेरी शिकायत पर तुरंत डोमेन को अपने एंड पर फ्रीज कर दिया और मुझे Incident ID: 935631 जारी किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आगे की जांच के लिए पिछले रजिस्ट्रार (Hostinger) को उनसे संपर्क साधना होगा। यानी जो काम होस्टिंगर को सुरक्षा देने के लिए पहले दिन करना चाहिए था, वह काम मुझे खुद गोडैडी से अपनी क्लेम आईडी के जरिए करवाना पड़ा!

चूंकि होस्टिंगर की मुख्य कम्प्लायंस टीम के वर्किंग आवर्स हमारे भारतीय समयानुसार (IST) रात के समय मैच करते हैं, इसलिए मैंने पूरी-पूरी रात जागकर उनके टाइमज़ोन के हिसाब से उनके हर एक ईमेल और अपडेट का इंतज़ार किया। मैं उनकी बातों पर भरोसा करके अपनी रातों की नींद खराब करता रहा। इस पूरे 2 महीने से अधिक के कार्यकाल के दौरान, मैंने होस्टिंगर की टीम के साथ 460 से अधिक चैट्स और ईमेल्स (460+ Chats & Emails) किए हैं, जो इस बात का दस्तावेजी सबूत है कि मैंने उनके हर एक तकनीकी सवाल का जवाब दिया है।

दिन 3: लीगल और कम्प्लायंस टीम का अचानक यू-टर्न और असली मालिक के साथ विश्वासघात

जब तीन दिनों के इस लंबे, थका देने वाले और तनावपूर्ण इंतज़ार के बाद आज अंतिम और फाइनल फैसला आना था, तो होस्टिंगर के फ्रंट-लाइन सपोर्ट एजेंट्स अचानक इस केस से पीछे हट गए। अब उनके पर्दे के पीछे काम करने वाले कम्प्लायंस विभाग का एक नया सीनियर अधिकारी टॉमस (Tomas) सीधे ईमेल पर सामने आया। टॉमस ने जो ईमेल भेजा, उसने मेरे सारे भरोसे और होश उड़ा कर रख दिए।

🛑 कम्प्लायंस अधिकारी टॉमस का आधिकारिक इनकार


तीन दिनों के इंतज़ार के बाद, होस्टिंगर की कम्प्लायंस टीम के अधिकारी टॉमस (Tomas) ने जो ईमेल भेजा, वह सीधे तौर पर असली मालिक के साथ विश्वासघात था (जैसा कि नीचे स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है)।
इस ईमेल में टॉमस ने साफ़ शब्दों में डोमेन वापस करने से मना करते हुए लिखा कि वर्तमान धारक ने इसे कानूनी रूप से ‘वैध’ ठहराने वाले दस्तावेज़ पेश किए हैं, इसलिए होस्टिंगर इस ट्रांसफर को रिवर्स नहीं कर सकता। उन्होंने ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सीधे कानूनी अधिकारियों से संपर्क करने या UDRP केस फाइल करने की सलाह दे डाली।

टॉमस ने सीधे शब्दों में हाथ खड़े करते हुए लिखा कि उनकी आंतरिक जांच और गोडैडी (GoDaddy) के साथ किए गए कोआर्डिनेशन के अनुसार, वर्तमान में डोमेन जिसके पास है (यानी हैकर संदीप), उसने कुछ ऐसे दस्तावेज होस्टिंगर के सामने पेश किए हैं जो इस डोमेन ट्रांसफर को कानूनी रूप से ‘वैध’ (Legitimate Registrant) ठहराते हैं! इसलिए, होस्टिंगर की नीतियां अब इस डोमेन को वापस मेरे अकाउंट में ट्रांसफर करने या इस मूव को रिवर्स करने की स्थिति में नहीं हैं। टॉमस ने अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ते हुए मुझे यह सलाह दे डाली कि मैं सीधे अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन (Cyber Cell) में जाऊं या फिर इंटरनेशनल डोमेन विवाद संस्था के पास जाकर एक महंगा UDRP Dispute केस फाइल करूँ।

होस्टिंगर के इस एकतरफा और अन्यायपूर्ण रवैये को देखते हुए, मैंने इंटरनेशनल रेगुलेटरी बॉडी के पास सीधे गुहार लगाई और ICANN (Internet Corporation for Assigned Names and Numbers) के समक्ष एक आधिकारिक और कानूनी शिकायत दर्ज कराई, जिसे ICANN Case #01597047 के रूप में पंजीकृत किया गया है। जब वैश्विक संस्था के पास केस नंबर दर्ज है और खुद गोडैडी मेरी क्लेम आईडी DCU101376714 पर एक्शन ले चुका है, तो होस्टिंगर अपनी सुस्ती छुपाने के लिए चोर के दावों को ‘वैध मालिक’ कैसे मान सकता है?


🔄 एक ही दिन में होस्टिंगर के दोहरे दावों का पर्दाफाश


होस्टिंगर की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी का सबसे बड़ा टेक्निकल सबूत एक ही दिन के ईमेल थ्रेड में दिखाई देता है (जैसा कि नीचे स्क्रीनशॉट में साफ़ देखा जा सकता है)।
सुबह 5:57 AM पर कस्टमर सक्सेस टीम की सदस्य Ida ने ईमेल के ज़रिए भरोसा दिलाया था कि उनकी कम्प्लायंस टीम थर्ड-पार्टी से अंतिम सिग्नल मिलते ही डोमेन को मेरे अकाउंट में क्रेडिट करने की पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन ठीक कुछ घंटों बाद, दोपहर 3:33 PM पर कम्प्लायंस अधिकारी Tomas ने अचानक यू-टर्न लेते हुए यह दावा कर दिया कि वर्तमान डोमेन धारक (हैकर) के दस्तावेज वैध हैं और होस्टिंगर ट्रांसफर को रिवर्स नहीं कर सकता। कुछ ही घंटों के भीतर सुबह डोमेन वापस करने का वादा करना और दोपहर में चोर का पक्ष ले लेना यह साफ़ करता है कि अंदरूनी तौर पर बिना किसी फॉरेंसिक या पुख्ता जांच के एकतरफा निर्णय थोपा गया है।

🕵️‍♂️ हैकर “संदीप” के दावों और उसके व्हाट्सएप स्टेटस का पूरा टेक्निकल पोस्टमार्टम

अब यहाँ पर यह समझना बेहद जरूरी है कि वह शातिर हैकर संदीप आखिर कर क्या रहा था और होस्टिंगर की टीम किस तरह उसकी चाल में फंस गई। टॉमस का यह निराशाजनक ईमेल आने से कुछ ही घंटे पहले, उस हैकर ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर loverummyapp.com के डाउन होने का स्क्रीनशॉट बकायदा पोस्ट किया था। उसने स्टेटस में लिखा:

“पापा को बोलो थोड़ा आराम करे… फिर से लौटेगा और धमाका करेगा, उस लिये बंद किये हे।”
“उस के जैसे पता नही कितना हे मेरे पास, जितना तुम हारा पापा सपना भी नही देखे होगे…”

इस हैकर के खुद के लिखे हुए इन कबूलनामों से दो बातें तकनीकी और कानूनी रूप से बिल्कुल साफ हो जाती हैं:

  1. वह सरासर और 100% झूठ बोल रहा है: अपने स्टेटस में वह अपनी इज्जत बचाने और डींगें हांकने के लिए कह रहा है कि उसने “धमाका करने के लिए साइट को खुद बंद किया है”। जबकि टेक्निकल सच यह है कि होस्टिंगर की सपोर्ट टीम ने मेरे ओरिजिनल बिल और 460+ चैट्स के सबूत देखने के बाद बैकएंड से उसका गोडैडी का कनेक्शन और नेम सर्वर्स काटे थे, जिसकी वजह से साइट बंद हुई थी।
  2. कागजातों की भारी जालसाजी (Forgery): जैसे ही होस्टिंगर की सपोर्ट टीम ने पहले दिन हैकर का रूटिंग ब्लॉक किया, हैकर संदीप को समझ आ गया कि उसका गेम ओवर होने वाला है। उसने अपनी चोरी को वैध साबित करने के लिए रातों-रात मेरे नाम का कोई फर्जी “डोमेन सेल एग्रीमेंट” (Domain Sale Agreement), मेरे जाली दस्तखत (Fake Electronic Signature), या किसी पुरानी चैट का फर्जी स्क्रीनशॉट बनाकर होस्टिंगर की लीगल टीम को ईमेल के जरिए सबमिट कर दिया। होस्टिंगर के पढ़े-लिखे लीगल एक्सपर्ट्स ने मेरे द्वारा दिए गए पहचान पत्रों, बैंक स्टेटमेंट्स और जियो सिम के इनवॉइस को दरकिनार करके, उस चोर द्वारा रातों-रात तैयार किए गए जाली और फर्जी पीडीएफ कागजों को सच मान लिया!

🔍 Whois डेटा का लाइव टेक्निकल पोस्टमार्टम: चोर पूरी तरह लॉक है!

होस्टिंगर और हैकर के झूठ को सौ प्रतिशत बेनकाब करने के लिए जब हमने loverummyapp.com का लाइव Whois Record निकाला , तो जो तकनीकी हकीकत सामने आई, उसने होस्टिंगर की लीगल टीम की जांच की पोल खोल दी:

यह Whois रिकॉर्ड इस बात का जीता-जागता सबूत है कि डोमेन अभी भी गोडैडी के कस्टडी होल्ड पर अटका हुआ है और ट्रांसफर पूरी तरह से फ्रीज है। जब गोडैडी ने मेरी Claim ID: DCU101376714 पर एक्शन लेकर डोमेन को वहीं लॉक कर दिया है, तो होस्टिंगर की लीगल टीम का यह कहना कि मामला पूरी तरह क्लोज हो चुका है, उनकी तकनीकी अज्ञानता को दर्शाता है।


❓ होस्टिंगर की सुरक्षा और कार्यप्रणाली पर 7 सबसे गंभीर सवाल

एक प्रोफेशनल वेब डेवलपर, ब्लॉगर और पब्लिशर होने के नाते, मैं इस आर्टिकल के माध्यम से होस्टिंगर की कार्यप्रणाली पर ये सात सीधे और कड़े सवाल उठाता हूँ:

  1. पहचान पत्रों और बैंक स्टेटमेंट की होस्टिंगर की नज़र में कोई वैल्यू नहीं है? जब एक असली ग्राहक अपनी पहचान साबित करने के लिए देश के सबसे प्रामाणिक दस्तावेज (ID Cards, Bank Statements, Jio Bills) दे रहा है, तो होस्टिंगर की लीगल टीम ने उन्हें किस आधार पर खारिज कर दिया?
  2. 1.5 महीने तक डोमेन को ट्रांसफर लॉक न करना क्या घोर लापरवाही नहीं है? जब मैं लगातार डोमेन चोरी की रिपोर्ट कर रहा था, तो होस्टिंगर ने इस पर लॉक क्यों नहीं लगाया, जिससे चोर को डोमेन गोडैडी पर ट्रांसफर करने का मौका मिल गया?
  3. 460+ चैट्स और ईमेल्स का रिकॉर्ड क्या महज़ एक मज़ाक था? पिछले 2 महीनों से अधिक समय के दौरान किए गए 460 से ज्यादा कम्युनिकेशन्स में जो टेक्निकल ट्रेल और सच सामने आया था, उसे एक झटके में टॉमस (Tomas) नाम के अधिकारी ने कैसे अनदेखा कर दिया?
  4. गोडैडी के Incident ID: 935631 और Claim ID: DCU101376714 पर होस्टिंगर ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की? जब गोडैडी खुद मान रहा है कि पिछले रजिस्ट्रार (Hostinger) को उनसे संपर्क साधना होगा, तो होस्टिंगर की कम्प्लायंस टीम हफ़्तों तक इस मामले को क्यों लटकाए रही?
  5. ICANN Case #01597047 के दर्ज होने के बाद भी एकतरफा फैसला क्यों? जब यह मामला अंतरराष्ट्रीय डोमेन रेगुलेटर (ICANN) के पास शिकायत संख्या के साथ विचाराधीन है, तो होस्टिंगर ने बिना किसी कानूनी आदेश या अंतिम जांच के चोर को ‘वैध मालिक’ कैसे मान लिया?
  6. क्या होस्टिंगर साइबर अपराधियों और डोमेन चोरों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दे रहा है? बिना किसी अदालत के आदेश के, होस्टिंगर की लीगल टीम ने खुद ही जज बनकर एक साइबर चोर के पक्ष में फैसला सुना दिया। क्या यह डिजिटल फ्रॉड करने वालों का खुला समर्थन नहीं है?
  7. ग्राहक की मानसिक प्रताड़ना का जिम्मेदार कौन है? 2 महीने से अधिक समय तक अपने एजेंट्स के माध्यम से झूठे दिलासे देकर ग्राहक को रात-रात भर जगाना, 460 से ज्यादा बार दौड़ाना और अंत में पल्ला झाड़ लेना, क्या यह एक प्रीमियम डोमेन प्रोवाइडर कंपनी के एथिक्स के दायरे में आता है?

🚨 अंतिम कड़ा कदम: 100+ वेबसाइट्स का मास-माइग्रेशन और कानूनी आर-पार की लड़ाई

📢 अपडेट: मंगलवार की डेडलाइन और होस्टिंगर पर कानूनी कार्रवाई का भारी दबाव
जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया और इंटरनेशनल अथॉरिटीज तक पहुँचा, होस्टिंगर की टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ गई। हमारे द्वारा दी गई मंगलवार दोपहर 12:00 बजे (IST) की अंतिम डेडलाइन और लीगल एक्शन की चेतावनी के बाद होस्टिंगर के अधिकारियों का एक और नया ईमेल (जैसा कि नीचे स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है) सामने आया है।
इस ईमेल में होस्टिंगर ने साफ़ तौर पर स्वीकार किया है कि उनकी टेक्निकल और कम्प्लायंस टीमें डोमेन को वापस लाने के लिए “Immediate Override” (तुरंत रिस्टोर करने) का प्रयास कर रही हैं। वे अब इस फ्रॉड को सुधारने के लिए बाहरी थर्ड-पार्टी रजिस्ट्री से अंतिम मंजूरी का इंतज़ार कर रहे हैं। यह लिखित ईमेल साबित करता है कि असली पेमेंट्स, ICANN केस और कड़े रुख के सामने कंपनी को अपनी गलती माननी पड़ी है।

होस्टिंगर के इस बेहद गैर-जिम्मेदाराना, निराशाजनक और असुरक्षित रवैये के बाद, मैंने और मेरी टीम ने यह आधिकारिक और व्यावसायिक निर्णय लिया है कि हम इस प्लेटफॉर्म से अपना पूरा नाता तोड़ रहे हैं। मैं वर्तमान में अपने नेटवर्क और क्लाइंट्स की 100+ से अधिक वेबसाइट्स, वर्डप्रेस ब्लॉग्स और डोमेन्स को होस्टिंगर के सर्वर्स और होस्टिंग प्लान्स से हमेशा के लिए समेट रहा हूँ। हम इन सभी 100+ वेबसाइट्स को GoDaddy और अन्य अत्यधिक सुरक्षित, विश्वसनीय रजिस्ट्रार के पास बड़े पैमाने पर माइग्रेट (Mass Migration) कर रहे हैं। जो कंपनी अपने एक पुराने और बड़े क्लाइंट के एक सिंगल डोमेन की रक्षा नहीं कर सकती और हैकर्स के झांसे में आ जाती है, वहां हमारी बाकी 100+ वेबसाइट्स का पूरा बिजनेस नेटवर्क और डेटा हर सेकंड गंभीर खतरे में है। हम ऐसा रिस्क बिल्कुल नहीं ले सकते।

इसके साथ ही, मैं इस जालसाज हैकर संदीप के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई को कमजोर नहीं होने दूंगा। मैंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आधिकारिक साइबर पोर्टल cybercrime.gov.in पर डिजिटल चोरी, अवैध पहुंच (Unauthorized Access), साइबर फ्रॉड और जाली दस्तावेज तैयार करने (Forgery and Fabricating Documents under IPC and IT Act) के तहत एक औपचारिक आपराधिक शिकायत (Official Criminal Complaint) दर्ज करा दी है।

जैसे ही मुझे इस Case से जुड़ी कानूनी पावती और एफआईआर (FIR/Complaint Acknowledgment) की कॉपी मिलेगी, मैं उसे पब्लिक डोमेन, टेक फोरम्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (X/Twitter, LinkedIn, Facebook) पर होस्टिंगर के पूरे चैट सपोर्ट ट्रेल और ICANN Case #01597047, GoDaddy Claim ID: DCU101376714GoDaddy Incident: 935631 के दस्तावेजी सबूतों के साथ सार्वजनिक करूँगा। मैं दुनिया के सामने यह लाइव सबूत रखूंगा कि कैसे होस्टिंगर अपने ग्राहकों की सुरक्षा के दावों के पीछे असल में कितना बड़ा खिलवाड़ करता है।

सभी भारतीय ब्लॉगर्स, डेवलपर्स और कंपनियों के लिए अंतिम चेतावनी: अगर आप भी होस्टिंगर की ब्रांडिंग और विज्ञापनों पर भरोसा करके अपनी मुख्य वेबसाइट्स वहां होस्ट करके बैठे हैं, तो आज ही सावधान हो जाइए। आपके पास चाहे जितने भी असली डिजिटल बिल और पेमेंट्स के सबूत क्यों न हों, अगर कोई शातिर हैकर आपकी साइट चुराकर होस्टिंगर के सामने कोई भी जाली कागज पेश कर देगा, तो होस्टिंगर का लीगल सिस्टम आपकी ओनरशिप को खारिज करके आपका डोमेन उस चोर को सौंप देगा। अपनी डिजिटल संपत्ति को सुरक्षित करना है, तो एक सुरक्षित विकल्प तलाशना शुरू कर दीजिए!

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